“ओला S1 Pro ने नवंबर 2025 की टॉप-10 बेस्ट सेलिंग टू-व्हीलर्स में जगह बनाई, जहां बाकी सभी पेट्रोल मॉडल्स हैं। इसका रनिंग कॉस्ट मात्र ₹0.13 प्रति किमी है, जो औसत 20 किमी दैनिक यात्रा पर ₹3 के आसपास आता है। ईवी सेगमेंट में ग्रोथ 11% रही, लेकिन कुल टू-व्हीलर मार्केट में ईवी पेनेट्रेशन 6.3% तक पहुंचा।”
ओला S1 Pro ने नवंबर 2025 में टॉप-10 बेस्ट सेलिंग टू-व्हीलर्स लिस्ट में सातवें स्थान पर कब्जा जमाया, जहां हीरो स्प्लेंडर प्लस, होंडा एक्टिवा, टीवीएस जुपिटर, बजाज पल्सर 125 और रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 जैसे पेट्रोल मॉडल्स का दबदबा रहा। इस लिस्ट में ओला S1 Pro इकलौता ई-स्कूटर है, जिसने 36,950 यूनिट्स की सेल्स दर्ज की, जबकि कुल टू-व्हीलर सेल्स 20.29 मिलियन यूनिट्स तक पहुंची। ईवी सेगमेंट में ओला की सेल्स भले ही पिछले साल से 51% घटी, लेकिन टॉप-10 में एंट्री से साफ है कि किफायती रनिंग कॉस्ट और फीचर्स ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
ओला S1 Pro का 195 किमी प्रति चार्ज रेंज इसे दैनिक कम्यूटर्स के लिए आदर्श बनाता है, जहां पेट्रोल स्कूटर्स जैसे होंडा एक्टिवा के 50 किमी प्रति लीटर माइलेज पर भी ईंधन खर्च ₹2.5 प्रति किमी तक पहुंच जाता है। ओला का रनिंग कॉस्ट ₹0.13 प्रति किमी है, जो बिजली की औसत दर ₹6.5 प्रति यूनिट पर आधारित है। 20 किमी दैनिक यात्रा पर यह खर्च ₹2.6 तक सीमित रहता है, जबकि पेट्रोल स्कूटर्स में यही ₹50 से ऊपर जाता है। सालाना 7,300 किमी चलाने पर ओला से ₹950 का खर्च आता है, जबकि पेट्रोल मॉडल्स में ₹18,250 तक।
ई-स्कूटर्स की ग्रोथ 2025 में 11% रही, जहां कुल 1.28 मिलियन यूनिट्स बिकीं, लेकिन पेट्रोल स्कूटर्स अभी भी 93.7% मार्केट शेयर रखते हैं। टीवीएस iQube और बजाज चेतक जैसे मॉडल्स ईवी सेगमेंट में लीड कर रहे हैं, लेकिन ओला S1 Pro की टॉप-10 एंट्री से साफ है कि हाई-स्पीड ईवी (70 किमी/घंटा टॉप स्पीड) अब मेनस्ट्रीम हो रहे हैं। ओला का 3 kW मोटर 0-40 किमी/घंटा को 3.3 सेकंड्स में पहुंचाता है, जो पेट्रोल स्कूटर्स के 125cc इंजन से बेहतर एक्सीलरेशन देता है।
| टॉप-10 बेस्ट सेलिंग टू-व्हीलर्स (नवंबर 2025) | सेल्स यूनिट्स | टाइप |
|---|---|---|
| हीरो स्प्लेंडर प्लस | 2,80,000 | पेट्रोल बाइक |
| होंडा एक्टिवा | 2,50,000 | पेट्रोल स्कूटर |
| टीवीएस अपाचे RTR 160 | 1,80,000 | पेट्रोल बाइक |
| बजाज पल्सर 125 | 1,50,000 | पेट्रोल बाइक |
| टीवीएस जुपिटर | 1,40,000 | पेट्रोल स्कूटर |
| रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 | 40,000 | पेट्रोल बाइक |
| ओला S1 Pro | 36,950 | ई-स्कूटर |
| होंडा शाइन 125 | 35,000 | पेट्रोल बाइक |
| सुजुकी एक्सेस 125 | 30,000 | पेट्रोल स्कूटर |
| बजाज प्लेटिना 110 | 25,000 | पेट्रोल बाइक |
ओला S1 Pro की बैटरी कैपेसिटी 4 kWh है, जो फुल चार्ज पर 195 किमी रेंज देती है, जबकि चार्जिंग टाइम 6.5 घंटे का है। घरेलू चार्जिंग से दैनिक खर्च ₹3 तक सीमित रहता है, जो दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में बिजली दरों पर आधारित है। पेट्रोल स्कूटर्स में मेंटेनेंस जैसे ऑयल चेंज, स्पार्क प्लग रिप्लेसमेंट सालाना ₹2,000 तक जोड़ते हैं, जबकि ओला में बैटरी और मोटर की वारंटी 8 साल/80,000 किमी तक है, जो मेंटेनेंस को न्यूनतम रखती है।
ईवी मार्केट में 2025 की कुल सेल्स 2.27 मिलियन EVs तक पहुंची, जिसमें ई-टू-व्हीलर्स 56% हिस्सा रखते हैं। ओला की सेल्स गिरावट के बावजूद, S1 Pro की परफॉर्मेंस से साफ है कि ग्राहक अब लोअर ओनरशिप कॉस्ट पर फोकस कर रहे हैं। पेट्रोल स्कूटर्स की तुलना में ओला 7 साल में ₹2,24,840 की बचत कराता है, जहां ईंधन और मेंटेनेंस प्रमुख फैक्टर हैं। अर्बन एरियाज में ई-स्कूटर्स की डिमांड बढ़ रही है, जहां ट्रैफिक और पॉल्यूशन ईवी को प्राथमिकता देते हैं।
कुंजी पॉइंट्स: ओला S1 Pro vs पेट्रोल स्कूटर्स
रेंज और स्पीड: 195 किमी vs 50-60 किमी प्रति लीटर, टॉप स्पीड 120 किमी/घंटा vs 90 किमी/घंटा।
खर्च तुलना: दैनिक ₹3 vs ₹50 (20 किमी), सालाना ₹950 vs ₹18,250।
फीचर्स: टचस्क्रीन डैशबोर्ड, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग vs बेसिक इंस्ट्रूमेंटेशन।
पर्यावरण प्रभाव: जीरो एमिशन vs 1.2 kg CO2 प्रति लीटर पेट्रोल।
मार्केट ट्रेंड: ईवी सेल्स 11% ग्रोथ, पेट्रोल सेगमेंट में 4% बढ़ोतरी।
ओला S1 Pro की एक्स-शोरूम प्राइस ₹1,29,999 है, जो सब्सिडी के बाद ₹1,10,000 तक आती है, जबकि पेट्रोल स्कूटर्स जैसे एक्टिवा की कीमत ₹80,000 से शुरू होती है। लेकिन 5 साल की ओनरशिप में ओला की कुल कॉस्ट ₹1,50,000 vs पेट्रोल की ₹2,50,000 रहती है। ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से चार्जिंग स्टेशन्स की संख्या 1 लाख तक पहुंची, जो रेंज एंग्जायटी को कम करती है। ग्रामीण एरियाज में पेट्रोल स्कूटर्स अभी मजबूत हैं, लेकिन अर्बन शिफ्ट ईवी को बूस्ट दे रहा है।
2025 में ई-स्कूटर्स की सेल्स में टीवीएस 2,98,967 यूनिट्स के साथ टॉप पर रहा, लेकिन ओला की टॉप-10 एंट्री से साफ है कि इनोवेटिव फीचर्स जैसे क्रूज कंट्रोल और पार्टी मोड ग्राहकों को खींच रहे हैं। पेट्रोल मॉडल्स में फ्यूल एफिशिएंसी सुधार हो रहा है, लेकिन ईवी की जीरो एमिशन और लो कॉस्ट उन्हें फ्यूचर-प्रूफ बनाते हैं। ओला S1 Pro की बैटरी लाइफ 1 लाख किमी तक है, जो पेट्रोल इंजन की 50,000 किमी सर्विस लाइफ से बेहतर है।
तुलनात्मक टेबल: रनिंग कॉस्ट ब्रेकडाउन (प्रति वर्ष, 7,300 किमी)
| पैरामीटर | ओला S1 Pro | होंडा एक्टिवा (पेट्रोल) |
|---|---|---|
| ईंधन/चार्जिंग कॉस्ट | ₹950 | ₹18,250 |
| मेंटेनेंस | ₹500 | ₹2,000 |
| इंश्योरेंस | ₹3,000 | ₹4,000 |
| कुल | ₹4,450 | ₹24,250 |
| बचत | ₹19,800 | – |
ओला S1 Pro की सफलता से अन्य ब्रैंड्स जैसे एथर 450X और सिंपल वन को प्रेरणा मिल रही है, जहां हाई-रेंज बैटरीज और फास्ट चार्जिंग स्टैंडर्ड हो रहे हैं। पेट्रोल स्कूटर्स में BS-VI नॉर्म्स से एमिशन कम हुए, लेकिन ईवी की सब्सिडी जैसे EMPS 2024 से कीमतें प्रतिस्पर्धी बनीं। 2025 में ईवी सेगमेंट की चुनौतियां जैसे बैटरी क्वालिटी और सर्विस नेटवर्क सुधर रहे हैं, जो ओला की टॉप-10 एंट्री को मजबूत बनाती है।
Disclaimer: यह लेख समाचार, रिपोर्ट और टिप्स पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य उद्देश्यों के लिए है और किसी निवेश या खरीद सलाह के रूप में नहीं ली जानी चाहिए। स्रोतों की सटीकता की गारंटी नहीं है।





