“भारतीय किसान अब इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां बाजार 2025 में 322 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2032 तक 1,609 मिलियन डॉलर होने का अनुमान है, 25.8% की CAGR से। सरकारी सब्सिडी और 40% तक की लागत बचत से अपनाने में तेजी आई है, जबकि VST Tillers Tractors जैसी कंपनियों ने बिक्री में 89% YoY वृद्धि दर्ज की, और कुछ स्टार्टअप्स ने 1010% की वृद्धि हासिल की है।”
भारतीय कृषि क्षेत्र में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का उभार तेज हो रहा है, जहां किसान पारंपरिक ईंधन से हटकर बैटरी चालित मशीनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 2025 में ग्लोबल इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर मार्केट का मूल्य 322.1 मिलियन डॉलर था, जो 2032 तक 1,609.7 मिलियन डॉलर पहुंचने की उम्मीद है। भारत में, जहां ट्रैक्टर बिक्री 2025 में 1.02 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गई, इलेक्ट्रिक मॉडल्स की मांग में 25.8% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र में पहला 45 HP इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर थाने RTO में रजिस्टर्ड हुआ, जबकि Ravindra Energy की सहयोगी EIM ने 55-टन “Ashwa” इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को ARAI सर्टिफिकेशन मिला और पहली कमर्शियल बिक्री की। BIS ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के लिए पहला टेस्टिंग स्टैंडर्ड जारी किया, जो उत्सर्जन कम करने और इनोवेशन को बढ़ावा देगा।
किसानों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के फायदे स्पष्ट हैं: डीजल ट्रैक्टरों की तुलना में ऑपरेशनल कॉस्ट 40% कम, कम मेंटेनेंस और शोर, साथ ही जीरो टेलपाइप उत्सर्जन। 12 से अधिक राज्यों में 30% तक कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध है, जो अपनाने को आसान बनाती है। एशिया पैसिफिक क्षेत्र में भारत और चीन प्रमुख हैं, जहां छोटे-मध्यम फार्म्स के लिए अफोर्डेबल इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की मांग बढ़ रही है।
प्रमुख कंपनियों की भूमिका और ग्रोथ
Mahindra & Mahindra: 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 407,094 यूनिट्स, 12% YoY वृद्धि। इलेक्ट्रिक मॉडल्स पर फोकस के साथ मार्केट शेयर 46.33%।
Sonalika Tractors: अक्टूबर 2025 में 27,028 यूनिट्स बिक्री, 34.8% वृद्धि, जो इंडस्ट्री की 2.3 गुना है।
VST Tillers Tractors: नवंबर 2025 में कुल बिक्री 4,664 यूनिट्स, 89.4% YoY वृद्धि। पावर टिलर्स और ट्रैक्टरों में मजबूत प्रदर्शन, स्टॉक में 18.97% 1Y रिटर्न और 146.24% 3Y रिटर्न।
Escorts Kubota: जून 2025 में 3.8% YoY वृद्धि, जापानी टेक्नोलॉजी के साथ इलेक्ट्रिक मॉडल्स में निवेश।
John Deere: 13% YoY वृद्धि, हाई HP सेगमेंट में 8.05% मार्केट शेयर, साउथ और वेस्ट इंडिया में मजबूत।
TAFE Limited: Massey Ferguson और Eicher ब्रांड्स के साथ 13% वृद्धि, 9,804 यूनिट्स बिक्री।
एक छोटे स्टार्टअप, Cellestial E-Mobility, ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर सेगमेंट में 1010% की ग्रोथ हासिल की, जहां बिक्री 2024 के 4 यूनिट्स से बढ़कर 2025-26 में सैकड़ों यूनिट्स हो गई। यह ग्रोथ सरकारी योजनाओं जैसे PM-KUSUM और FAME से प्रेरित है, जो इलेक्ट्रिक फार्म इक्विपमेंट पर 20-30% सब्सिडी देती हैं।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर मार्केट की सेगमेंटेशन
| सेगमेंट | 2025 मार्केट शेयर (%) | अनुमानित ग्रोथ (CAGR 2025-2032) | प्रमुख ड्राइवर्स |
|---|---|---|---|
| लाइट-ड्यूटी (<50 HP) | 60 | 28% | छोटे फार्म्स, अफोर्डेबिलिटी, सब्सिडी |
| मीडियम-ड्यूटी (50-100 HP) | 30 | 24% | मध्यम फार्म्स, कॉस्ट सेविंग्स |
| हेवी-ड्यूटी (>100 HP) | 10 | 22% | बड़े फार्म्स, प्रिसिजन एग्रीकल्चर |
| हाइब्रिड इलेक्ट्रिक | 15 | 30% | ट्रांजिशनल यूज, ईंधन एफिशिएंसी |
एशिया पैसिफिक में मार्केट 22.5% CAGR से बढ़ रहा है, जहां भारत की कृषि मशीनीकरण, बढ़ती लेबर कॉस्ट और क्लीन एग्रीकल्चर इनिशिएटिव्स प्रमुख हैं। 2025 में कर्नाटक में डीजल प्राइस 2 रुपये/लीटर बढ़ने से किसान इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर मुड़े।
किसानों के लिए प्रमुख टिप्स
बैटरी लाइफ: 8-10 घंटे की रनटाइम वाली लिथियम-आयन बैटरी चुनें, जो सोलर चार्जिंग सपोर्ट करती हो।
चार्जिंग इंफ्रा: ग्रामीण क्षेत्रों में 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट से सोलर पैनल्स के साथ इंटीग्रेशन आसान।
फाइनेंसिंग: कैप्टिव फाइनेंस आर्म्स जैसे Mahindra की 228,000 लोन्स से आसान EMI।
मेंटेनेंस: कम मूविंग पार्ट्स से सालाना 20-25% सेविंग्स।
सर्टिफिकेशन: ARAI और CMVR अप्रूव्ड मॉडल्स चुनें, जैसे “Ashwa” ट्रैक्टर।
इंडस्ट्री में CNH Industrial (New Holland और Case IH) ने 18% YoY वृद्धि दर्ज की, जबकि TVS Motor की EV बिक्री 11% बढ़ी, जो इलेक्ट्रिक फार्म व्हीकल्स में क्रॉसओवर दिखाती है। 2025 में ट्रैक्टर इंडस्ट्री की कुल बिक्री 7.92 बिलियन डॉलर से 2030 तक 10.95 बिलियन पहुंचने का अनुमान है, 6.7% CAGR से।
क्षेत्रीय ट्रेंड्स
उत्तर भारत में पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर अपनाने में 35% वृद्धि, जहां डीजल उत्सर्जन रेगुलेशन्स सख्त हैं। दक्षिण में कर्नाटक और महाराष्ट्र में सब्सिडी से 50 HP मॉडल्स लोकप्रिय। पूर्वी भारत में छोटे फार्मर्स पावर टिलर्स से शिफ्ट हो रहे हैं, VST की 4,676 यूनिट्स नवंबर बिक्री से साबित। पश्चिम में गुजरात और राजस्थान में हाइब्रिड मॉडल्स 30% ग्रोथ दिखा रहे हैं।
कुल मिलाकर, इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भारत की कृषि को सस्टेनेबल बनाने में ключ роль निभा रहे हैं, जहां 14% GHG उत्सर्जन कृषि से आता है। लोकल मैन्युफैक्चरिंग और R&D से कीमतें 20% तक कम हो सकती हैं, जो 2030 तक 4.5 बिलियन डॉलर ग्लोबल मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएगी।
Disclaimer: यह रिपोर्ट बाजार ट्रेंड्स, इंडस्ट्री रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित है। निवेश या खरीदारी के निर्णय से पहले पेशेवर सलाह लें।





