रिलायंस का शेयर 1400 रुपये से नीचे गिरा: बाजार उछाल पर 1800 पार जाने की उम्मीद, जानें एक्सपर्ट्स की राय!

By Ashish Pandey

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रिलायंस इंडस्ट्रीज का गिरता हुआ शेयर प्राइस चार्ट जो रिकवरी की संभावना दिखाता है
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“रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर हाल में 1386.10 रुपये पर बंद हुआ है, जो 1400 के नीचे है। बाजार में रिकवरी की उम्मीद से यह 1800 रुपये पार कर सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल कीमतों में स्थिरता, जियो की ग्रोथ और रिटेल सेक्टर की मजबूती से भाव चढ़ेंगे। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह।”

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में हालिया गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। 23 जनवरी को शेयर 1386.10 रुपये पर बंद हुआ, जबकि 22 जनवरी को यह 1402.50 रुपये से शुरू होकर 1410.10 रुपये तक पहुंचा था। 21 जनवरी पर भाव 1404.60 रुपये से गिरकर 1389.50 रुपये पर आया। यह गिरावट वैश्विक बाजार की अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू आर्थिक दबावों से जुड़ी है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी आती है, तो RIL का शेयर जल्द ही 1800 रुपये के पार जा सकता है।

शेयर बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, RIL की मजबूत फंडामेंटल्स इसे रिबाउंड के लिए तैयार रखती हैं। कंपनी की तेल रिफाइनिंग यूनिट में मार्जिन सुधार की संभावना है, क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर हो रही हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स की 5G रोलआउट से सब्सक्राइबर बेस बढ़कर 500 मिलियन पार होने की उम्मीद है, जो रेवेन्यू ग्रोथ को बूस्ट देगा। रिटेल सेगमेंट में ई-कॉमर्स एक्सपैंशन से सालाना 20% की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

शेयर की हालिया परफॉर्मेंस को देखें तो जनवरी की शुरुआत में यह 1575.60 रुपये पर था, लेकिन वैश्विक इकोनॉमिक स्लोडाउन और इंटरेस्ट रेट हाइक के असर से गिरावट आई। 20 जनवरी को शेयर 1414.95 रुपये से शुरू होकर 1415.75 रुपये पर बंद हुआ, लेकिन अगले दिनों में दबाव बढ़ा। मार्केट कैपिटलाइजेशन अब 18.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास है, जो पी/ई रेशियो 23.2 और पी/बी 2.1 पर ट्रेड कर रहा है।

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एक्सपर्ट्स की सलाह है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स 1350 रुपये को सपोर्ट लेवल मानें, जबकि लॉन्ग-टर्म निवेशक 1800-2000 रुपये के टारगेट पर फोकस करें। अगर RBI की मॉनेटरी पॉलिसी में रेट कट आता है, तो यह शेयर को ऊपर ले जाएगा। कंपनी की नई एनर्जी इनिशिएटिव्स, जैसे ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स, से 2027 तक 15% अतिरिक्त वैल्यू एडिशन हो सकता है।

RIL शेयर की हालिया कीमतों का विश्लेषण

तारीखओपनिंग प्राइस (रुपये)हाई (रुपये)लो (रुपये)क्लोजिंग प्राइस (रुपये)वॉल्यूम (शेयर)बदलाव (%)
23 जनवरी 20261386.101401.801380.501386.1085 लाख-1.2
22 जनवरी 20261402.501410.101395.001402.5092 लाख-0.5
21 जनवरी 20261404.601412.701389.501389.5078 लाख-1.8
20 जनवरी 20261414.951415.751405.001415.7565 लाख0.2
19 जनवरी 20261455.051455.051440.001445.0070 लाख-0.7
1 जनवरी 20261575.601592.501571.101573.7064 लाख0.33

यह टेबल दिखाती है कि शेयर में लगातार गिरावट आई है, लेकिन वॉल्यूम स्थिर रहा, जो बाइंग इंटरेस्ट को इंगित करता है। अगर ग्लोबल मार्केट्स में सुधार होता है, जैसे US Fed के रेट कट से, तो RIL का शेयर 1600 रुपये का पहला रेजिस्टेंस ब्रेक कर सकता है।

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क्यों गिरा RIL का शेयर?

वैश्विक फैक्टर्स: कच्चे तेल की कीमतों में 10% की गिरावट से रिफाइनिंग मार्जिन प्रभावित हुआ। ओपेक प्रोडक्शन कट्स की अनिश्चितता ने दबाव बढ़ाया।

घरेलू चुनौतियां: इंफ्लेशन कंट्रोल के लिए RBI के हाई इंटरेस्ट रेट्स ने कैपिटल एक्सपेंडिचर को प्रभावित किया। RIL की डेब्ट लेवल 2.5 लाख करोड़ रुपये पर है, जो निवेशकों को चिंतित कर रही है।

सेक्टर-स्पेसिफिक इश्यूज: टेलीकॉम में कॉम्पिटिशन बढ़ा, जहां Airtel और Vodafone Idea की 5G स्ट्रैटजीज से जियो का मार्केट शेयर 42% पर स्थिर रहा।

मार्केट सेंटिमेंट: FII आउटफ्लो 5000 करोड़ रुपये का रहा, जो इंडियन स्टॉक्स पर असर डाल रहा है।

भविष्य की संभावनाएं और रिकवरी फैक्टर्स

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर मार्केट रिकवर करता है, तो RIL का शेयर 1800 रुपये पार कर सकता है। यहां प्रमुख फैक्टर्स:

जियो की ग्रोथ: 5G सब्सक्राइबर्स 100 मिलियन बढ़ने से ARPU 200 रुपये पार हो सकता है। क्लाउड सर्विसेज से 5000 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू।

रिटेल एक्सपैंशन: Reliance Retail के 2000 नए स्टोर्स से सेल्स 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। ई-कॉमर्स में Amazon और Flipkart से कॉम्पिटिशन में बढ़त।

नई एनर्जी: सोलर और बैटरी प्रोजेक्ट्स से 2030 तक 100 GW कैपेसिटी, जो वैल्यूएशन को 20% बूस्ट देगा।

तेल सेक्टर: अगर क्रूड 90 डॉलर पहुंचता है, तो GRM 12 डॉलर प्रति बैरल हो सकता है, जो प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाएगा।

कॉर्पोरेट एक्शंस: संभावित डिविडेंड 10 रुपये प्रति शेयर और बायबैक से शेयरधारकों को फायदा।

निवेशकों को सलाह है कि 1380 रुपये पर स्टॉप लॉस रखें और 1450 रुपये पर एंट्री लें। अगर निफ्टी 22000 पार करता है, तो RIL में 15% अपसाइड संभव। कंपनी की Q3 रिजल्ट्स में 12% YoY ग्रोथ दिखी, जो पॉजिटिव सिग्नल है।

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निवेशकों के लिए की पॉइंट्स

रिस्क मैनेजमेंट: डायवर्सिफाई करें, क्योंकि RIL 60% तेल पर निर्भर है।

टेक्निकल इंडिकेटर्स: RSI 40 पर है, जो ओवरसोल्ड जोन इंगित करता है। MACD क्रॉसओवर से बुलिश ट्रेंड।

लॉन्ग-टर्म विजन: मुकेश अंबानी की लीडरशिप में RIL 5 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन टारगेट कर रही है।

कॉम्पैरिजन: TCS और HDFC के मुकाबले RIL का P/E कम है, जो अंडरवैल्यूड दिखाता है।

मार्केट ट्रेंड्स: EV सेक्टर में एंट्री से शेयर को नया मोमेंटम मिलेगा।

यह गिरावट अस्थायी लगती है, और मजबूत बैलेंस शीट से RIL जल्द रिकवर कर सकता है। निवेश से पहले फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।

Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं, और कोई भी निर्णय अपनी रिसर्च पर आधारित करें।

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Ashish Pandey

My name is Ashish Pandey, I work as a content writer and I love to write articles. With 4 years of blogging experience I am always ready to inspire others and share knowledge to make them a successful blogger.

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