केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियनों ने 8th Pay Commission में House Building Advance (HBA) की सीमा को ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹75 लाख करने और ब्याज दर को 7.5% से घटाकर 5% करने की मांग की है। वर्तमान में संपत्ति की कीमतों में तेज उछाल के कारण यह मांग कर्मचारियों के लिए घर खरीदने या बनाने को सस्ता और संभव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 8th CPC की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है, लेकिन रिपोर्ट 18 महीने में आएगी और कर्मचारी संघ अब सुझाव जमा कर रहे हैं।
8th Pay Commission में HBA पर प्रमुख मांगें और वर्तमान स्थिति
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए House Building Advance (HBA) आवास सुविधा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 7th Pay Commission के बाद से यह सुविधा ₹25 लाख या 34 महीने के बेसिक पे (जो भी कम हो) तक सीमित है। वर्तमान ब्याज दर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 7.44% है, जो साधारण ब्याज पर आधारित है।
कर्मचारी संघों, खासकर Federation of National Postal Organisations (FNPO) ने 8th Central Pay Commission को दिए जाने वाले memorandum में प्रमुख बदलावों की मांग की है:
HBA की अधिकतम सीमा को ₹75 लाख तक बढ़ाया जाए, या मासिक सैलरी के 60 गुना (कुल कैप ₹75 लाख)।
ब्याज दर को 5% पर कैप किया जाए, ताकि मासिक EMI कम हो और लोन अफोर्डेबल बने।
सीमा की नियमित समीक्षा हो, ताकि पे स्केल बढ़ने और हाउसिंग कॉस्ट में वृद्धि के साथ यह अपडेट रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में 80% से 100% तक कवरेज की छूट जारी रहे।
यह मांग इसलिए मजबूत हो रही है क्योंकि भारतीय शहरों में प्रॉपर्टी कीमतें पिछले कुछ वर्षों में 50-100% तक बढ़ चुकी हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे महानगरों में औसत फ्लैट की कीमत ₹1 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है, जबकि छोटे शहरों में भी ₹40-60 लाख आम है। मौजूदा ₹25 लाख की सीमा अब ज्यादातर कर्मचारियों के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है, खासकर मिड-लेवल और सीनियर कर्मचारियों के लिए जो शहरों में बसना चाहते हैं।
वर्तमान HBA नियमों की मुख्य बातें (7th Pay Commission के तहत)
| पैरामीटर | वर्तमान प्रावधान | प्रभावित कर्मचारी समूह |
|---|---|---|
| अधिकतम राशि | ₹25 लाख या 34 महीने का बेसिक पे (कम वाला) | सभी केंद्रीय कर्मचारी |
| ब्याज दर | 7.44% (FY 2025-26), साधारण ब्याज | पूरे लोन पर |
| रिकवरी अवधि | मूलधन: 15 वर्ष (180 किस्तें), ब्याज: 5 वर्ष (60 किस्तें) | सेवा के दौरान |
| पात्रता | स्थायी कर्मचारी, न्यूनतम 10 वर्ष सेवा | ग्रुप A, B, C |
| उपयोग | नया घर/फ्लैट खरीद, निर्माण, एक्सटेंशन | स्वयं के उपयोग के लिए |
यदि 8th Pay Commission इन मांगों को मान लेता है तो कर्मचारियों को कई फायदे मिल सकते हैं:
कम EMI और कुल ब्याज : 5% ब्याज पर ₹75 लाख का लोन लेने पर मासिक किस्त और कुल ब्याज भार मौजूदा से काफी कम होगा। उदाहरण के लिए, 20 वर्ष के लोन पर 7.44% की तुलना में 5% पर लाखों रुपये की बचत संभव।
बड़े शहरों में घर खरीदना संभव : कई कर्मचारी अब बैंक लोन पर निर्भर हैं जहां ब्याज 8-9% तक है। सरकारी HBA कम ब्याज पर ज्यादा राशि देने से बैंक लोन की जरूरत कम होगी।
रिपेयिंग कैपेसिटी में सुधार : नई सैलरी स्ट्रक्चर और फिटमेंट फैक्टर (संभावित 2.28 या अधिक) के साथ रिपेयमेंट आसान बनेगा।
पेंशनर्स के लिए भी लाभ : कुछ यूनियनों ने पेंशनर्स को भी HBA में शामिल करने की मांग की है।
8th Pay Commission की प्रगति और सुझाव जमा करने की प्रक्रिया
8th Central Pay Commission को नवंबर 2025 में गठित किया गया था। रिपोर्ट 18 महीने में (मई 2027 तक) सौंपी जाएगी। हालांकि, प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है, जिससे arrears मिलने की संभावना है।
कमीशन ने 5 मार्च 2026 से ऑनलाइन पोर्टल (8cpc.gov.in और MyGov) पर सुझाव आमंत्रित किए हैं। कर्मचारी, पेंशनर्स, यूनियंस और संगठन 30 अप्रैल 2026 तक memorandum जमा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शी है और कर्मचारियों की मांगों को सीधे प्रभावित करेगी।
HBA में प्रस्तावित बदलाव यदि लागू हुए तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को आवास क्षेत्र में बड़ी राहत मिलेगी। यूनियंस अब सक्रिय रूप से इस मुद्दे को उठा रही हैं, और आगामी महीनों में और अपडेट्स आ सकते हैं।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न कर्मचारी संघों की मांगों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। अंतिम निर्णय 8th Pay Commission की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।






