“भारत मंडपम में आयोजित ‘प्रॉफिट का गणित’ वर्कशॉप में उद्योग विशेषज्ञ लाभ गणना, निवेश रणनीतियां और बाजार ट्रेंड्स पर व्यावहारिक सत्र आयोजित करेंगे। इवेंट में प्रमुख स्पीकर जैसे अनुपम मित्तल और राकेश झुनझुनवाला के उत्तराधिकारी शामिल होंगे, जो स्टार्टअप फंडिंग और स्टॉक मार्केट एनालिसिस पर फोकस करेंगे। रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसमें नेटवर्किंग सेशन और केस स्टडी शामिल हैं, जो भारतीय उद्यमियों को 2026 की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेंगे।”
भारत मंडपम, दिल्ली के प्रगति मैदान में स्थित आधुनिक कन्वेंशन सेंटर, “प्रॉफिट का गणित” नामक विशेष वर्कशॉप की मेजबानी कर रहा है, जहां उद्योग के दिग्गज लाभ की गणितीय गणनाओं पर गहन चर्चा करेंगे। यह इवेंट भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम और छोटे-मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें लाभ मार्जिन कैलकुलेशन से लेकर टैक्स ऑप्टिमाइजेशन तक के टॉपिक्स कवर होंगे। आयोजकों के अनुसार, 2026 की आर्थिक स्थिति में GDP ग्रोथ 6.5% से ऊपर रहने की उम्मीद है, लेकिन इन्फ्लेशन रेट 4-5% के बीच होने से प्रॉफिट मैनेजमेंट महत्वपूर्ण हो जाता है। वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागी RBI की नवीनतम मोनेटरी पॉलिसी रिपोर्ट से प्रेरित केस स्टडीज का विश्लेषण करेंगे, जहां ब्याज दरें 6.25% पर स्थिर हैं।
वर्कशॉप के मुख्य आकर्षण में शामिल हैं उद्योग विशेषज्ञों के पैनल डिस्कशन, जो NSE और BSE के रीयल-टाइम डेटा पर आधारित होंगे। उदाहरण के लिए, Sensex हाल ही में 85,000 अंकों को पार कर चुका है, जबकि Nifty 25,000 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों को प्रॉफिट लॉकिंग स्ट्रैटजीज सीखने का अवसर मिलेगा। स्पीकर लाइनअप में Shark Tank India के जज अनुपम मित्तल शामिल हैं, जो स्टार्टअप वैल्यूएशन मॉडल्स पर फोकस करेंगे, जैसे EV/EBITDA रेशियो का उपयोग कैसे करें। साथ ही, निवेश गुरु राकेश झुनझुनवाला के उत्तराधिकारी उनके पोर्टफोलियो मैनेजमेंट तकनीकों को शेयर करेंगे, जिसमें डाइवर्सिफिकेशन से 20-25% वार्षिक रिटर्न हासिल करने के तरीके शामिल हैं।
इवेंट की संरचना में इंटरैक्टिव सेशन शामिल हैं, जहां प्रतिभागी अपने बिजनेस मॉडल्स को रिव्यू करवा सकेंगे। एक प्रमुख सेक्शन कैश फ्लो एनालिसिस पर होगा, जहां SEBI के नए रेगुलेशंस के तहत म्यूचुअल फंड्स में निवेश के जोखिमों को समझाया जाएगा। हालिया डेटा से पता चलता है कि 2026 में म्यूचुअल फंड AUM 60 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है, लेकिन मार्केट वोलेटिलिटी से प्रॉफिट प्रोटेक्शन जरूरी है। वर्कशॉप में ब्रेकआउट रूम्स होंगे, जहां ग्रुप्स में ROI कैलकुलेशन टूल्स जैसे Excel मॉडल्स और Python स्क्रिप्ट्स का इस्तेमाल सिखाया जाएगा।
मुख्य स्पीकर और उनके टॉपिक्स
| स्पीकर का नाम | पदनाम | टॉपिक | प्रमुख हाइलाइट्स |
|---|---|---|---|
| अनुपम मित्तल | Founder, Shaadi.com | स्टार्टअप वैल्यूएशन और फंडिंग | Pre-money vs Post-money वैल्यूएशन, 2026 में VC फंडिंग ट्रेंड्स जहां भारत में 50 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। |
| राकेश झुनझुनवाला के उत्तराधिकारी | Portfolio Manager, Rare Enterprises | स्टॉक मार्केट में प्रॉफिट लॉकिंग | कंपाउंडिंग इफेक्ट, जहां 15% CAGR से 10 साल में निवेश दोगुना होता है; हालिया Adani और Reliance शेयर्स के उदाहरण। |
| नीरा राडिया | Business Consultant | टैक्स ऑप्टिमाइजेशन स्ट्रैटजीज | GST रेट्स (18% औसत) के तहत डिडक्शन क्लेम, आयकर स्लैब में बदलाव जहां 7 लाख तक जीरो टैक्स। |
| अमित जैन | CEO, CarDekho | डिजिटल बिजनेस में प्रॉफिट मैथ | E-commerce मार्जिन्स, जहां Amazon और Flipkart के मॉडल से 10-15% प्रॉफिट हासिल करने के तरीके। |
| प्रिया अग्रवाल | Economist, HDFC Bank | मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स | GDP फोरकास्ट 7%, लेकिन US Fed रेट कट्स से भारतीय रुपये पर प्रभाव; डॉलर 82 रुपये पर ट्रेडिंग। |
यह टेबल स्पीकरों की विशेषज्ञता को दर्शाती है, जो प्रतिभागियों को व्यावहारिक इनसाइट्स प्रदान करेगी। वर्कशॉप में एक सेक्शन कॉस्ट कटिंग टेक्नीक्स पर होगा, जहां सप्लाई चेन ऑप्टिमाइजेशन से 20% तक खर्च कम करने के मेथड्स सिखाए जाएंगे, जैसे Just-in-Time इन्वेंटरी जो Toyota मॉडल से प्रेरित है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि भारतीय SMEs में औसत प्रॉफिट मार्जिन 8-10% है, लेकिन इस इवेंट से इसे 15% तक बढ़ाने के टूल्स मिलेंगे।
एजेंडा और टाइमलाइन
| समय स्लॉट | सेशन का नाम | विवरण |
|---|---|---|
| सुबह 9:00-10:30 | ओपनिंग कीनोट: प्रॉफिट की बेसिक गणित | ब्रेक-ईवन एनालिसिस, जहां फिक्स्ड कॉस्ट्स को वैरिएबल से बैलेंस करने के फॉर्मूले; उदाहरण- एक स्टार्टअप में 5 लाख रुपये का ब्रेक-ईवन पॉइंट कैसे कैलकुलेट करें। |
| 10:45-12:00 | पैनल डिस्कशन: निवेश रणनीतियां | मल्टी-एसेट अलोकेशन, जहां इक्विटी 60%, डेब्ट 30%, गोल्ड 10% का मिक्स; 2026 में गोल्ड प्राइस 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम। |
| दोपहर 1:00-2:30 | वर्कशॉप: ROI टूल्स | हैंड्स-ऑन सेशन, जहां NPV और IRR कैलकुलेशन; एक प्रोजेक्ट में 12% IRR से प्रॉफिटेबिलिटी चेक। |
| 2:45-4:00 | केस स्टडी: भारतीय मार्केट्स | Reliance Jio के प्रॉफिट मॉडल का विश्लेषण, जहां 5G रेवेन्यू से 25% ग्रोथ। |
| शाम 4:15-5:30 | नेटवर्किंग और Q&A | विशेषज्ञों से डायरेक्ट एडवाइस, जहां UPI ट्रांजेक्शन वॉल्यूम 100 बिलियन मासिक पर पहुंच चुका है, पेमेंट्स में प्रॉफिट कैसे बढ़ाएं। |
एजेंडा में शामिल सेशन प्रतिभागियों को रीयल-टाइम मार्केट डेटा से जोड़ेंगे, जैसे कि FMCG सेक्टर में HUL के 18% प्रॉफिट मार्जिन को कैसे दोहराएं। वर्कशॉप में AI टूल्स का इंटीग्रेशन होगा, जहां ChatGPT जैसे मॉडल्स से प्रॉफिट फोरकास्टिंग सिखाई जाएगी, जो 2026 में भारतीय बिजनेस में 30% एडॉप्शन रेट पर है। प्रतिभागी क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टमेंट पर भी चर्चा करेंगे, जहां Bitcoin 1 लाख डॉलर को पार कर चुका है, लेकिन RBI रेगुलेशंस से जोखिम मैनेजमेंट जरूरी।
रजिस्ट्रेशन प्रोसेस सरल है, जहां Eventbrite प्लेटफॉर्म पर 500 रुपये की फीस के साथ स्लॉट बुक कर सकते हैं; लिमिटेड 500 सीट्स उपलब्ध। आयोजक FICCI और NASSCOM के साथ पार्टनरशिप में हैं, जो सरकारी स्कीम्स जैसे Startup India से लिंक करेंगे, जहां 1 करोड़ तक की फंडिंग उपलब्ध है। वर्कशॉप में सस्टेनेबिलिटी एंगल भी शामिल है, जहां ESG फैक्टर्स से प्रॉफिट बढ़ाने के तरीके, जैसे कि ग्रीन इन्वेस्टमेंट्स जो 15% रिटर्न दे रहे हैं। प्रतिभागी अपने बिजनेस प्लान को सबमिट कर फीडबैक ले सकेंगे, जहां EV सेक्टर में Tata Motors के मॉडल से प्रेरणा ली जाएगी, जिसने 2026 में 20% मार्केट शेयर हासिल किया।
प्रॉफिट कैलकुलेशन के प्रमुख फॉर्मूले
ब्रेक-ईवन पॉइंट : फिक्स्ड कॉस्ट / (सेलिंग प्राइस – वैरिएबल कॉस्ट प्रति यूनिट)। उदाहरण- 10 लाख फिक्स्ड, 500 प्राइस, 300 वैरिएबल: 5000 यूनिट्स।
ROI : (नेट प्रॉफिट / इन्वेस्टमेंट) x 100। 2026 में औसत ROI भारतीय स्टॉक्स में 12%।
मार्जिन ऑफ सेफ्टी : (एक्वल सेल्स – ब्रेक-ईवन सेल्स) / एक्वल सेल्स। SMEs के लिए 20% टारगेट।
NPV : फ्यूचर कैश फ्लोज का डिस्काउंटेड वैल्यू, जहां डिस्काउंट रेट 8% RBI बेंचमार्क।
ये फॉर्मूले वर्कशॉप में प्रैक्टिकल एक्सरसाइजेज में इस्तेमाल होंगे, जो प्रतिभागियों को अपने बिजनेस में लागू करने योग्य बनाएंगे। इवेंट में फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर जैसे QuickBooks और Tally का डेमो होगा, जो क्लाउड बेस्ड एनालिटिक्स से प्रॉफिट ट्रैकिंग आसान बनाते हैं। हालिया ट्रेंड्स से, डिजिटल पेमेंट्स में Paytm और PhonePe के यूज से ट्रांजेक्शन कॉस्ट 2% तक कम हुई है। वर्कशॉप समाप्ति पर सर्टिफिकेट दिए जाएंगे, जो LinkedIn प्रोफाइल पर वैल्यू एड करेंगे।
Disclaimer: This is a news report based on available sources. Tips provided are for informational purposes only.






