EPFO 3.0 के तहत ऑटो क्लेम लिमिट ₹5 लाख तक बढ़ाई गई है, जिससे एडवांस क्लेम 3 दिनों में सेटल हो रहे हैं। UPI से तुरंत विड्रॉल की सुविधा अप्रैल 2026 से शुरू होगी। पेंशन पेमेंट सिस्टम सेंट्रलाइज्ड हो गया है, और जॉब चेंज पर EPF ट्रांसफर ऑटोमैटिक हो रहा है। इससे 8 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को तेज और आसान सर्विस मिल रही है।
EPFO 3.0 अपडेट: पेंशन सिस्टम, ₹5 लाख तक ऑटो क्लेम और EPF ट्रांसफर में बड़ा बदलाव
EPFO ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के जरिए अपनी सेवाओं को पूरी तरह बदल दिया है। EPFO 3.0 के तहत क्लाउड-बेस्ड आर्किटेक्चर, AI टूल्स और कोर बैंकिंग जैसी सुविधाएं लाई जा रही हैं, जिससे क्लेम प्रोसेसिंग तेज हो गई है।
ऑटोमैटिक क्लेम सेटलमेंट अब ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम पर लागू है। पहले यह लिमिट ₹1 लाख थी, लेकिन अब बीमारी, शिक्षा, शादी और हाउसिंग जैसे कारणों से ₹5 लाख तक का क्लेम बिना मैनुअल इंटरवेंशन के 72 घंटे में सेटल हो जाता है। चालू वित्त वर्ष में फरवरी 2026 तक 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम ऑटो मोड में सेटल हो चुके हैं, जिसमें कुल ₹51,620 करोड़ का डिस्बर्समेंट हुआ है। कुल एडवांस क्लेम का 71.37% हिस्सा ऑटोमैटिक तरीके से प्रोसेस किया गया है।
पेंशन सिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) है। जनवरी 2025 से लॉन्च यह सिस्टम अब सभी EPFO फील्ड ऑफिस में पूरी तरह लागू हो चुका है। इससे 70 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को किसी भी शेड्यूल्ड बैंक ब्रांच से पेंशन मिल सकती है। पेंशन डिस्बर्समेंट तेज, एरर-फ्री और पारदर्शी हो गया है। न्यूनतम पेंशन अभी भी ₹1,000 प्रति माह है, लेकिन सिस्टम की पहुंच बढ़ने से पेंशनर्स को ज्यादा सुविधा मिल रही है।
EPF ट्रांसफर में जॉब चेंज पर अब मैनुअल रिक्वेस्ट की जरूरत नहीं। अप्रैल 2024 से लागू नियम के तहत नया एम्प्लॉयर जॉइनिंग डेट अपडेट करते ही पुराना PF अकाउंट नए में ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो जाता है। UAN एक ही रहने से यह प्रोसेस सीमलेस हो गया है। चालू वित्त वर्ष में 70 लाख से ज्यादा ऐसे ऑटो ट्रांसफर हो चुके हैं।
EPFO 3.0 के तहत UPI-बेस्ड विड्रॉल की सुविधा अप्रैल 2026 से लाइव होने वाली है। सदस्य अपनी एलिजिबल राशि को UPI के जरिए बैंक अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे। शुरुआत में प्रति ट्रांजेक्शन ₹25,000 तक की लिमिट की बात चल रही है। साथ ही ATM से भी कुछ लिमिट में विड्रॉल संभव होगा, जैसे अप्रूव्ड क्लेम के बाद ₹1 लाख तक।
यह अपडेट 8 करोड़ एक्टिव सदस्यों और कुल 30 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों के लिए है। क्लेम रिजेक्शन कम हो रहे हैं, क्योंकि AI और ऑटोमेशन से वैलिडेशन रीयल-टाइम हो रहा है। सदस्यों को अब UMANG ऐप या नए पोर्टल पर फेस ऑथेंटिकेशन से KYC अपडेट करने की सुविधा मिलेगी।
मुख्य बदलावों की सूची:
ऑटो क्लेम लिमिट: ₹1 लाख से बढ़कर ₹5 लाख
सेटलमेंट टाइम: 72 घंटे (3 दिन) में ज्यादातर क्लेम
पेंशन सिस्टम: CPPS से किसी भी बैंक से पेमेंट
EPF ट्रांसफर: जॉब चेंज पर ऑटोमैटिक
UPI विड्रॉल: अप्रैल 2026 से इंस्टेंट ट्रांसफर
कुल ऑटो क्लेम: FY में 3.52 करोड़+ (₹51,620 करोड़ डिस्बर्स)
ये बदलाव कर्मचारियों की फाइनेंशियल जरूरतों को तुरंत पूरा करने में मदद करेंगे, साथ ही रिटायरमेंट सेविंग्स को सुरक्षित रखने पर फोकस है। सदस्यों को सलाह है कि UAN एक्टिवेट रखें, KYC अपडेट करें और ऐप/पोर्टल पर रेगुलर चेक करें।
Disclaimer: यह लेख न्यूज रिपोर्ट और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश या फाइनेंशियल डिसीजन से पहले आधिकारिक EPFO पोर्टल या विशेषज्ञ से सलाह लें।






