देश में पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कमी की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई कमी नहीं होगी। रिफाइनरियों को उत्पादन 10% बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, 25 दिनों का इंटर-बुकिंग अंतर अनिवार्य किया गया है, और वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाया जा रहा है। आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर जमाखोरी रोकी जा रही है, जबकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसी जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
देशभर में LPG किल्लत के बीच सरकार का बड़ा बयान, नहीं होने देंगे कोई कमी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित रहेगी। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ दिनों में उत्पादन में लगभग 10% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह अतिरिक्त उत्पादन विशेष रूप से घरेलू उपयोग के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल और गैर-जरूरी क्षेत्रों से LPG की आपूर्ति को सीमित किया है। इससे मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल सिलेंडरों की अनियमित उपलब्धता की समस्या सामने आई है। राष्ट्रीय रेस्तरां संघ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति बनी रही तो कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और कुल खपत का करीब 60% आयात पर निर्भर है। इनमें से अधिकांश आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मार्ग से होता है, जो वर्तमान संघर्ष के कारण प्रभावित हुआ है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से तेल और गैस की खरीदारी बढ़ा दी है। अब 40 से अधिक देशों से आयात की जा रही है, जिसमें अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे नए स्रोत शामिल हैं। हालांकि इनसे शिपमेंट में 45 दिनों तक का समय लग सकता है, लेकिन घरेलू उत्पादन बढ़ाकर इस अंतर को भरने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी कदम और उपाय
उत्पादन वृद्धि : रिफाइनरियों को अधिकतम क्षमता से LPG उत्पादन करने और पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक को LPG पूल में डायवर्ट करने के आदेश दिए गए हैं।
25-दिन नियम : होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए दो रिफिल के बीच बुकिंग अंतर 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम : EC Act लागू कर जमाखोरी पर सख्ती, आपूर्ति नियंत्रण और निगरानी बढ़ाई गई है।
प्राथमिकता सूची : घरेलू PNG, परिवहन CNG, LPG उत्पादन और आवश्यक सेवाओं (अस्पताल, स्कूल) को टॉप प्राथमिकता।
समिति गठन : तीन सदस्यीय समिति (OMCs के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स) गठित, जो रेस्तरां, होटल और अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों की LPG मांगों की समीक्षा करेगी और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्थिति देश में करीब 33 करोड़ घरेलू LPG कनेक्शन हैं, जिनमें से 87% खपत घरेलू उपयोग में होती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास स्टॉक खत्म नहीं हुआ है और डिलीवरी सामान्य समय पर हो रही है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि पैनिक बुकिंग न करें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है। हाल ही में घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 का इजाफा किया गया था।
प्रभावित क्षेत्र और सुझाव बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में होटल एसोसिएशन ने आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। कई जगहों पर मेन्यू में बदलाव किए जा रहे हैं, जैसे कम गैस वाले व्यंजन या स्नैक्स पर फोकस। सरकार ने OMCs को व्यावसायिक क्षेत्रों से सीधा संवाद करने के निर्देश दिए हैं ताकि आवश्यक सेवाओं को राहत मिल सके।
सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और कोई व्यापक संकट नहीं है। वैकल्पिक आयात रूट और घरेलू उत्पादन वृद्धि से जल्द स्थिरता आएगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि जरूरत अनुसार ही बुकिंग करें और ऊर्जा संरक्षण अपनाएं।






