**” महाराष्ट्र सरकार ने 2026-27 बजट में BS-4 और उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाली निजी गाड़ियों पर पर्यावरण कर (ग्रीन टैक्स) दोगुना करने का प्रस्ताव रखा है। दोपहिया वाहनों पर टैक्स 2,000 से बढ़ाकर 4,000 रुपये, पेट्रोल लाइट मोटर वाहनों पर 3,000 से 6,000 रुपये और डीजल पर 3,500 से 7,000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई खरीदने वालों को 16-30% मोटर वाहन टैक्स में छूट मिलेगी, जिससे प्रदूषण कम करने और वाहन फ्लीट को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है। “**
महाराष्ट्र में पुरानी गाड़ी रखना अब महंगा! सरकार ने ग्रीन टैक्स दोगुना किया, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
महाराष्ट्र सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण और पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पेश किए गए 2026-27 बजट में BS-4 और उससे कम उत्सर्जन मानक वाली नॉन-ट्रांसपोर्ट (निजी) वाहनों पर पर्यावरण कर यानी ग्रीन टैक्स को दोगुना करने का प्रस्ताव किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले पुराने वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करना है।
यह फैसला उन लाखों वाहन मालिकों पर सीधा असर डालेगा जिनकी गाड़ियां BS-4 या उससे पुरानी हैं। ऐसे वाहन अधिक ईंधन खपत करते हैं और प्रदूषण भी ज्यादा फैलाते हैं। सरकार का मानना है कि ये वाहन राज्य की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं, इसलिए टैक्स बढ़ाकर इनके रखरखाव को महंगा बनाया जा रहा है।
नई ग्रीन टैक्स दरें (प्रस्तावित)
दोपहिया वाहन (BS-4 और पुराने): पहले 2,000 रुपये → अब 4,000 रुपये
लाइट मोटर वाहन (पेट्रोल, BS-4 और पुराने): पहले 3,000 रुपये → अब 6,000 रुपये
लाइट मोटर वाहन (डीजल, BS-4 और पुराने): पहले 3,500 रुपये → अब 7,000 रुपये
ये दरें आमतौर पर फिटनेस सर्टिफिकेट या रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के समय लागू होंगी। इससे पुरानी गाड़ी चलाने की सालाना लागत बढ़ जाएगी, जिससे मालिकों को या तो गाड़ी स्क्रैप कर नई खरीदने या अतिरिक्त खर्च उठाने का विकल्प चुनना पड़ेगा।
स्क्रैपिंग पर बड़ी छूट का प्रावधान
सरकार ने पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने वालों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन भी दिए हैं ताकि लोग नई, कम प्रदूषण वाली गाड़ियों की ओर रुख करें:
BS-4 या उससे बेहतर उत्सर्जन वाली पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई गाड़ी खरीदने पर मोटर वाहन टैक्स में 16% छूट।
BS-3 या उससे पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर 30% तक छूट।
यह स्कीम वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी के अनुरूप है, जिससे राज्य में इलेक्ट्रिक, CNG और आधुनिक BS-6 वाहनों का अपनाना बढ़ेगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
महाराष्ट्र के कई शहरों में वायु प्रदूषण स्तर अक्सर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहता है। पुराने वाहन इसमें बड़ा योगदान देते हैं क्योंकि इनमें उत्सर्जन नियंत्रण तकनीक पुरानी होती है। केंद्र सरकार की ग्रीन टैक्स नीति और राज्य स्तर पर प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया गया है। इससे राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी मिलेगा, जिसका उपयोग पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन सुधार में किया जा सकता है।
वाहन मालिकों के लिए सलाह
अगर आपकी गाड़ी 10-15 साल पुरानी है और BS-4 या कम है, तो अब रिन्यूअल पर दोगुना टैक्स देना पड़ सकता है।
स्क्रैपिंग सेंटर पर जाकर पुरानी गाड़ी स्क्रैप करवाएं और छूट का लाभ उठाएं।
नई गाड़ी खरीदते समय BS-6 या इलेक्ट्रिक/CNG विकल्प चुनें, क्योंकि भविष्य में ऐसे वाहनों पर टैक्स राहत मिल सकती है।
नियमित प्रदूषण जांच (PUC) करवाएं ताकि जुर्माना न लगे।
यह बदलाव महाराष्ट्र को स्वच्छ वाहन फ्लीट की ओर ले जाएगा, लेकिन पुरानी गाड़ी चलाने वालों के लिए खर्च बढ़ना तय है।






