जंग के बीच क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, देश के पास सिर्फ 25 दिन का स्टॉक, अब कहां से आएगा तेल?

By Ashish Pandey

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भारत में पेट्रोल-डीजल पंप और क्रूड ऑयल बैरल के साथ जंग का प्रभाव दिखाता ग्राफिक
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“जंग के बीच भारत के पास क्रूड ऑयल और पेट्रोल-डीजल का 25-25 दिन का स्टॉक है, कुल मिलाकर 50 दिन की सुरक्षा। सरकार वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ा रही है, फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ने की संभावना, लेकिन लंबे समय तक संकट बने रहने पर दबाव बढ़ सकता है।”

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा मंडरा रहा है, जहां से भारत के लगभग आधे क्रूड ऑयल आयात गुजरते हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश के पास वाणिज्यिक क्रूड ऑयल का स्टॉक 25 दिनों के लिए पर्याप्त है, जबकि पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक भी 25 दिनों का है। कुल मिलाकर यह 50 दिनों की सुरक्षा प्रदान करता है।

स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स (SPR) को शामिल करने पर कुल कवरेज 74 दिनों तक पहुंच सकती है, लेकिन वर्तमान में मुख्य फोकस वाणिज्यिक और रिफाइनरी स्टॉक पर है। एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार, करीब 100 मिलियन बैरल क्रूड स्टॉक उपलब्ध है, जिसमें अंडरग्राउंड रिजर्व्स (मंगलौर, पदुर, विशाखापत्तनम) और जहाजों पर लोडेड ऑयल शामिल है। यदि होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाता है, तो यह स्टॉक 40-45 दिनों की मांग पूरी कर सकता है।

भारत रोजाना लगभग 5 मिलियन बैरल से अधिक क्रूड आयात करता है, जिसमें से आधा (करीब 2.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन) होर्मुज से गुजरता है। संघर्ष के कारण ग्लोबल ब्रेंट क्रूड कीमतें बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। इससे भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, क्योंकि देश 88% से अधिक क्रूड आयात पर निर्भर है।

वैकल्पिक आयात स्रोत और रणनीति

सरकार ने वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने की तैयारी की है। रूस से आयात हाल के महीनों में घटकर 20-25% के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि ओपेक देशों (इराक, सऊदी अरब, UAE) का हिस्सा बढ़कर 50-55% हो गया है। अन्य स्रोतों में अमेरिका, वेस्ट अफ्रीका (नाइजीरिया, अंगोला), लैटिन अमेरिका (ब्राजील, मैक्सिको) शामिल हैं।

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रूस : जनवरी 2026 में शेयर 19-21% तक गिरा, लेकिन डिस्काउंटेड क्रूड अभी भी आकर्षक।

मिडिल ईस्ट : आयात बढ़ा, लेकिन होर्मुज जोखिम के कारण विविधीकरण जरूरी।

अन्य : यूएस, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से आयात बढ़ाने की योजना।

LPG और LNG के लिए भी वैकल्पिक सप्लायर्स तलाशे जा रहे हैं, क्योंकि अधिकांश LPG होर्मुज से आता है।

पेट्रोल-डीजल दामों पर असर

वर्तमान में प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं:

दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77/लीटर, डीजल ₹87.67/लीटर

मुंबई: पेट्रोल ₹103.54/लीटर, डीजल ₹90.03/लीटर

कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45/लीटर, डीजल ₹92.02/लीटर

चेन्नई: पेट्रोल ₹100.85/लीटर, डीजल ₹92.39/लीटर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां स्टॉक और सब्सिडी से दबाव संभाल रही हैं। लेकिन यदि क्रूड $10 प्रति बैरल बढ़ता है, तो भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट 0.5% GDP तक बढ़ सकता है, इन्फ्लेशन 35-40 बेसिस पॉइंट्स बढ़ सकता है, और GDP ग्रोथ 15-20 बेसिस पॉइंट्स प्रभावित हो सकती है।

जोखिम और तैयारी

शॉर्ट-टर्म : 50-74 दिनों का बफर उपलब्ध, कोई तत्काल कमी नहीं।

लॉन्ग-टर्म : यदि संघर्ष लंबा चला, तो फ्रेट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ेगी, रूट केप ऑफ गुड होप से लंबा हो जाएगा।

रणनीति : SPR विस्तार (बीकानेर, चंदीखोल, पदुर में अतिरिक्त), डाइवर्सिफिकेशन, और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस।

देश ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रहा है, लेकिन वैश्विक अस्थिरता से पेट्रोल-डीजल दामों पर दबाव बना रह सकता है।

Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट वर्तमान घटनाक्रम और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है।

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Ashish Pandey

My name is Ashish Pandey, I work as a content writer and I love to write articles. With 4 years of blogging experience I am always ready to inspire others and share knowledge to make them a successful blogger.

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