PM किसान योजना की 22वीं किस्त से पहले खुशखबरी: कोरोना के बाद पहली बार गेहूं निर्यात मंजूर, मिलेगा बेहतर दाम?

By Ashish Pandey

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केंद्र सरकार द्वारा गेहूं निर्यात मंजूरी और PM किसान योजना की 22वीं किस्त से जुड़ी खुशखबरी दिखाती इमेज
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केंद्र सरकार ने चार साल बाद गेहूं निर्यात की अनुमति दी है। 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं और अतिरिक्त 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी मिली। यह फैसला कोरोना काल के बाद पहली बार लिया गया है। घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक और कीमतों में नरमी के चलते किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। PM-KISAN की 22वीं किस्त फरवरी-मार्च 2026 में आने की संभावना है, जो किसानों के लिए दोहरी राहत साबित हो सकती है।

गेहूं निर्यात पर लगी रोक हटी, किसानों को बड़ा फायदा

केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2026 को महत्वपूर्ण फैसला लिया। खाद्य मंत्रालय ने 25 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं के निर्यात को मंजूरी दी। साथ ही अतिरिक्त 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों (जैसे आटा, मैदा आदि) के निर्यात की अनुमति भी प्रदान की गई। यह निर्णय 2022 में लगाई गई रोक के बाद लिया गया पहला बड़ा कदम है। कोरोना महामारी के बाद गेहूं निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध था, जो मौसम की मार और उत्पादन में कमी के कारण बढ़ा था। अब स्थिति बदल गई है।

सरकार का कहना है कि यह कदम घरेलू बाजार को स्थिर रखने और किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए है। 2025-26 में निजी क्षेत्र के पास गेहूं का स्टॉक लगभग 75 लाख मीट्रिक टन पहुंच गया है। यह पिछले साल की समान अवधि से करीब 32 लाख टन अधिक है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के केंद्रीय पूल में 1 अप्रैल 2026 तक कुल गेहूं उपलब्धता 182 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। इससे खाद्य सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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रबी सीजन 2026 में गेहूं की बुवाई क्षेत्रफल बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले साल यह 328.04 लाख हेक्टेयर था। अच्छी बारिश, जलवायु अनुकूल बीज और मिट्टी में नमी के कारण रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना है। 2025 में भारत ने 117.9 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन किया था। निर्यात की अनुमति से किसान अपनी उपज को MSP से बेहतर दाम पर बेच सकेंगे।

पीक मार्केट अराइवल के दौरान डिस्ट्रेस सेल रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। बाजार में तरलता बढ़ेगी। स्टॉक रोटेशन बेहतर होगा। किसानों की आय में वृद्धि होगी। DGFT जल्द ही औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा।

PM-KISAN की 22वीं किस्त का इंतजार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6000 रुपये मिलते हैं। यह राशि तीन समान किस्तों में 2000-2000 रुपये के रूप में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से दी जाती है। 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी।

अब 22वीं किस्त की बारी है। आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार फरवरी या मार्च 2026 में यह किस्त लाभार्थियों के खाते में आएगी। पिछले पैटर्न के अनुसार दिसंबर-मार्च विंडो में भुगतान होता है। करीब 9-11 करोड़ किसान इससे लाभान्वित होते हैं।

eKYC अनिवार्य है। सभी पंजीकृत किसानों को आधार आधारित eKYC पूरा करना होगा। Farmer ID भी जरूरी हो गया है। अगर ये अपडेट नहीं हैं तो किस्त में देरी या रुकावट आ सकती है। pmkisan.gov.in पर जाकर स्टेटस चेक करें।

किसानों के लिए दोहरी खुशखबरी

गेहूं निर्यात की मंजूरी से MSP के साथ-साथ बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना है। साथ ही PM-KISAN की अगली किस्त से वित्तीय सहायता मिलेगी। यह फैसला किसान विरोध प्रदर्शनों और US ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों के बीच लिया गया। सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है।

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Ashish Pandey

My name is Ashish Pandey, I work as a content writer and I love to write articles. With 4 years of blogging experience I am always ready to inspire others and share knowledge to make them a successful blogger.

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