“सरकारी बैंकों जैसे SBI और PNB में कर्मचारी अक्सर लंच ब्रेक का हवाला देकर ग्राहकों के जरूरी काम को बार-बार टाल देते हैं, जिससे ग्राहकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। RBI के नियमों के मुताबिक बैंक स्टाफ एक साथ लंच पर नहीं जा सकता और सेवा निरंतर चलनी चाहिए। अगर ऐसा हो रहा है तो पहले ब्रांच मैनेजर, फिर बैंक के नोडल ऑफिसर और अंत में RBI के Banking Ombudsman या टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।”
बैंक कर्मचारियों द्वारा लंच टाइम का बहाना बनाकर काम में देरी
भारतीय सरकारी बैंकों में ग्राहक सेवा के दौरान एक आम समस्या सामने आ रही है, जहां कर्मचारी लंच ब्रेक का नाम लेकर काम करने से इनकार कर देते हैं या ग्राहकों को बाद में आने के लिए कहते हैं। SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख पब्लिक सेक्टर बैंकों की कई ब्रांचों में यह शिकायतें बढ़ी हैं, खासकर व्यस्त समय में जब ग्राहक जरूरी लेन-देन जैसे कैश जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस या अन्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं।
RBI के स्पष्ट दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक शाखाओं में लंच ब्रेक रोटेशनल बेसिस पर लिया जाता है। इसका मतलब है कि सभी कर्मचारी एक साथ लंच पर नहीं जा सकते। कम से कम कुछ कर्मचारियों को काउंटर पर मौजूद रहना अनिवार्य है ताकि ग्राहक सेवा बाधित न हो। RBI ने RTI जवाबों और विभिन्न सर्कुलरों में बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि बैंक ब्रांच लंच आवर्स के दौरान बंद नहीं हो सकती और ग्राहकों को इंतजार नहीं करवाया जा सकता।
यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी टाइम के दौरान लंच का बहाना बनाकर काम टालता है, तो यह ग्राहक सेवा में लापरवाही मानी जाती है। RBI के Customer Service Guidelines में बैंक को ग्राहकों की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश है। हाल के वर्षों में डिजिटल बैंकिंग के बढ़ने के बावजूद, कई ग्राहक अभी भी ब्रांच पर निर्भर हैं, खासकर सीनियर सिटीजन, ग्रामीण क्षेत्रों के लोग और छोटे व्यवसायी।
शिकायत दर्ज करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
सबसे पहले ब्रांच में ही शिकायत दर्ज करें अधिकांश बैंकों में ब्रांच में कंप्लेंट रजिस्टर या Complaint Book उपलब्ध होता है। आप अपनी समस्या लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं, जिसमें घटना का समय, कर्मचारी का नाम (यदि पता हो) और काम का विवरण शामिल करें। ब्रांच मैनेजर को इसकी जानकारी दें। RBI नियमों के तहत बैंक को 30 दिनों के अंदर शिकायत का निपटारा करना होता है।
बैंक के नोडल ऑफिसर से संपर्क करें अगर ब्रांच स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध Nodal Officer या Principal Nodal Officer से संपर्क करें। SBI, PNB जैसे बैंकों में अलग-अलग ईमेल और फोन नंबर दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, कई बैंकों में customer.care@sbi.co.in या pnbcomplaints@pnb.co.in जैसे ईमेल पर शिकायत भेजी जा सकती है।
बैंक का ग्राहक सेवा टोल-फ्री नंबर इस्तेमाल करें SBI का टोल-फ्री नंबर 1800 11 2211, PNB का 1800 180 2222 जैसे नंबरों पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। ये नंबर 24×7 काम करते हैं और आपकी शिकायत को ट्रैक किया जाता है।
RBI के Banking Ombudsman से शिकायत अगर बैंक 30 दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो आप RBI के Banking Ombudsman Scheme के तहत शिकायत कर सकते हैं। यह मुफ्त सेवा है और ऑनलाइन cms.rbi.org.in पर उपलब्ध है। आप फॉर्म भरकर या डाक से भेज सकते हैं। Ombudsman आपके मामले की जांच करता है और बैंक को निर्देश दे सकता है।
RBI का टोल-फ्री नंबर 14448 कई ग्राहक सीधे RBI के इंटीग्रेटेड ग्राहक सेवा नंबर 14448 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा रहे हैं। यह नंबर बैंकिंग से जुड़ी लापरवाही पर तुरंत ध्यान दिलाता है।
ग्राहकों के अधिकार और सुझाव
बैंक कर्मचारी ड्यूटी आवर्स में काम से इनकार नहीं कर सकते, चाहे लंच हो या कोई अन्य कारण।
यदि पूरी ब्रांच लंच के नाम पर बंद दिखे, तो यह गंभीर उल्लंघन है।
शिकायत करते समय सबूत जैसे समय, तारीख, कर्मचारी का विवरण और यदि संभव हो तो फोटो या वीडियो रखें।
डिजिटल विकल्प जैसे YONO (SBI), PNB ONE ऐप का इस्तेमाल करें ताकि ब्रांच जाने की जरूरत कम हो।
व्यस्त ब्रांचों में सुबह जल्दी या शाम को जाने की कोशिश करें।
यह समस्या ग्राहक अधिकारों से जुड़ी है और RBI लगातार बैंकों पर निगरानी रखता है। यदि आपका अनुभव ऐसा है, तो बिना देर किए शिकायत दर्ज कराएं ताकि सेवा में सुधार हो सके।






