सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के बावजूद भारतीय निवेशक बड़े पैमाने पर खरीदारी कर रहे हैं। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स में 0.3-0.7% की गिरावट के साथ 1,54,000-1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेडिंग हो रही है, जो जनवरी के पीक से 13-15% नीचे है। जनवरी 2026 में गोल्ड ETF में रिकॉर्ड 24,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ, जो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स से ज्यादा रहा। निवेशक गोल्ड को डाइवर्सिफिकेशन और सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, जबकि फिजिकल गोल्ड और ETF दोनों में मांग बनी हुई है।
भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। MCX पर अप्रैल 2026 एक्सपायरी गोल्ड फ्यूचर्स आज 1,54,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसमें 0.7% की कमी दर्ज की गई। स्पॉट प्राइस भी 1,55,000-1,56,000 के दायरे में आ गया है, जो जनवरी के उच्चतम स्तर 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे है। 24 कैरेट गोल्ड की औसत कीमत अब 15,600-15,800 रुपये प्रति ग्राम चल रही है, जबकि 22 कैरेट 14,300-14,500 रुपये प्रति ग्राम पर है।
यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड के 3-4% सुधार से जुड़ी है। COMEX पर गोल्ड 5,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे आया, जहां मजबूत अमेरिकी आर्थिक डेटा (जैसे नॉनफार्म पेरोल में वृद्धि और बेरोजगारी दर में कमी) के कारण फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई। इससे डॉलर मजबूत हुआ और बांड यील्ड बढ़े, जो गोल्ड जैसे यील्ड-रहित एसेट पर दबाव डालते हैं। भारत में भी रुपए की तुलना में डॉलर की मजबूती और आयात शुल्क के प्रभाव से लोकल प्राइस प्रभावित हुए।
फिर भी, गिरावट के इस दौर में निवेशकों की खरीदारी रुकने का नाम नहीं ले रही। जनवरी 2026 में गोल्ड ETF में नेट इनफ्लो रिकॉर्ड 24,040 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले महीने से 106% अधिक है। यह आंकड़ा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के 24,029 करोड़ रुपये से भी ज्यादा रहा, जो पहली बार ऐसा हुआ जब गोल्ड ETF ने इक्विटी फ्लो को पीछे छोड़ा। गोल्ड और सिल्वर ETF मिलाकर 33,500 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया, जो निवेशकों की डाइवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी को दर्शाता है।
निवेशक अब सोने को शेयर बाजार की तरह ट्रीट कर रहे हैं। जहां स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच SIP और लंपसम निवेश जारी रहता है, वैसे ही गोल्ड में भी गिरावट को खरीदारी का मौका मान लिया जा रहा है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह “बाय ऑन डिप” वाली रणनीति है, क्योंकि गोल्ड लंबे समय में महंगाई हेज और सुरक्षित एसेट बना रहता है। गोल्ड ETF की होल्डिंग्स में भी वृद्धि हुई है, जहां निवेशक बिना फिजिकल गोल्ड रखे आसानी से एक्सपोजर ले रहे हैं।
मुख्य शहरों में आज के गोल्ड रेट (24 कैरेट प्रति 10 ग्राम, लगभग)
(नोट: ये औसत बाजार दरें हैं, मेकिंग चार्जेस और टैक्स अलग से लग सकते हैं।)
गोल्ड ETF प्रमुख फंड्स की परफॉर्मेंस (हालिया ट्रेडिंग)
Nippon India ETF Gold BeES: मामूली बढ़त के साथ ट्रेड
SBI Gold ETF: 0.2% ऊपर
HDFC Gold ETF: स्थिर से सकारात्मक
ICICI Prudential Gold ETF: हल्की बढ़त
| शहर | 24 कैरेट (₹) | 22 कैरेट (₹) | बदलाव (पिछले दिन से) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,56,000-1,57,000 | 1,43,000-1,44,000 | -1,000 से -1,500 |
| मुंबई | 1,55,800-1,56,500 | 1,42,800-1,43,500 | -800 से -1,200 |
| चेन्नई | 1,56,200-1,57,000 | 1,43,200-1,44,000 | -1,200 |
| कोलकाता | 1,55,900-1,56,800 | 1,42,900-1,43,800 | -900 |
| बेंगलुरु | 1,56,100-1,56,900 | 1,43,100-1,44,000 | -1,000 |
यह ट्रेंड दिखाता है कि गिरावट के बावजूद ETF में खरीदारी जारी है, क्योंकि ये कम लागत वाले और लिक्विड ऑप्शन हैं।
निवेशकों के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि सोने की यह सुधार लंबे समय तक नहीं चलेगी। भू-राजनीतिक तनाव, ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी से जुड़ी महंगाई की आशंका और सेंट्रल बैंक की गोल्ड खरीदारी से रिकवरी की उम्मीद है। कई एनालिस्ट्स MCX गोल्ड के लिए 1,48,000-1,50,000 के सपोर्ट लेवल की बात कर रहे हैं, जहां से बाउंस बैक संभव है।
इस बीच, फिजिकल गोल्ड की मांग में भी कमी नहीं आई है। ज्वेलरी खरीदारी के साथ-साथ सिक्के और बार में निवेश बढ़ा है। कुल मिलाकर, सोने की गिरावट निवेशकों के लिए “लूट” का मौका बन गई है, जहां वे शेयर बाजार की तरह डिप में खरीदकर लॉन्ग टर्म गेन की उम्मीद कर रहे हैं।
Disclaimer: यह न्यूज रिपोर्ट बाजार की वर्तमान स्थिति पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च या फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य है।






