स्पाइसजेट को Q3 में 261 करोड़ का घाटा, रेवेन्यू बढ़ा 14% लेकिन शेयर 7% तक गिरा

By Ashish Pandey

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स्पाइसजेट एयरलाइन का लोगो और विमान के साथ स्टॉक मार्केट गिरावट का ग्राफ दिखाता इमेज
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स्पाइसजेट ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) में 261.38 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 20.43 करोड़ के मुनाफे से उलट है। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14% बढ़कर 1,408 करोड़ रुपये पहुंचा, लेकिन बढ़ते खर्चों जैसे ईंधन, विमान लीज और रुपये की कमजोरी ने मुनाफे को प्रभावित किया। शेयर मूल्य में 7% तक की गिरावट आई और स्टॉक 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। कंपनी ने फ्लीट विस्तार और स्पेयर पार्ट्स मोनेटाइजेशन की योजना बनाई है।

स्पाइसजेट Q3 रिजल्ट: घाटे में आई बजट एयरलाइन, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ जारी

स्पाइसजेट ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में कंसॉलिडेटेड स्तर पर 261.38 करोड़ रुपये का नेट लॉस रिपोर्ट किया। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज 20.43 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट से पूरी तरह उलट है। कंपनी के मालिकों को ए atribuटेबल प्रॉफिट आफ्टर टैक्स भी इसी स्तर पर रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू में 13.8% की बढ़ोतरी हुई और यह 1,408.29 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 1,237 करोड़ रुपये के आसपास था। कुछ रिपोर्ट्स में रेवेन्यू 1,345 करोड़ से 1,408 करोड़ तक बताया गया है, जो यात्री संख्या वृद्धि और नेटवर्क एक्सपैंशन से जुड़ा है। कंपनी ने इस दौरान फ्लीट साइज बढ़ाई, अधिक रूट्स जोड़े और पैसेंजर वॉल्यूम में सुधार किया। लोड फैक्टर में भी बेहतरी आई, लेकिन ये ग्रोथ बॉटमलाइन तक नहीं पहुंच पाई।

घाटे का मुख्य कारण बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च रहे। एयरक्राफ्ट लीज रेंटल्स में भारी उछाल आया, खासकर वेट लीज कॉस्ट्स के कारण। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें ऊंची रहीं, रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी ने इंपोर्टेड पार्ट्स और लीज पेमेंट्स को महंगा किया। नए लेबर कोड्स के एडजस्टमेंट से एक बारगी खर्च भी जुड़े। EBITDA नेगेटिव रहा और ऑपरेटिंग मार्जिन -13.44% पर पहुंच गया, जो पिछले साल -15.92% से थोड़ा बेहतर लेकिन अभी भी गहरे लाल निशान में है।

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कंपनी ने बताया कि फॉरेक्स एडजस्टमेंट और एक बारगी आइटम्स के बाद नेट लॉस 268 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही (Q2) के 635 करोड़ से 58% कम है। इससे सेकेंडियल सुधार दिखता है, लेकिन सालाना आधार पर स्थिति बिगड़ी है। नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर 2025) में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 3,320.91 करोड़ रहा, जबकि नेट लॉस 1,116.52 करोड़ तक पहुंच गया।

शेयर मार्केट पर असर तुरंत दिखा। Q3 रिजल्ट्स जारी होने के बाद स्पाइसजेट का शेयर 7% तक गिरा और यह 16.80 रुपये के स्तर तक छू गया, जो 52-सप्ताह का निचला स्तर है। पिछले साल के हाई से 65-70% की गिरावट है। ट्रेडिंग वॉल्यूम औसत से कई गुना ज्यादा रहा, जो निवेशकों की चिंता दर्शाता है। कंपनी का मार्केट कैप 2,500-3,000 करोड़ के बीच घूम रहा है।

स्पाइसजेट ने कहा कि वह सरप्लस स्पेयर पार्ट्स को मोनेटाइज करने की योजना पर काम कर रही है, जिससे कैश फ्लो बेहतर हो सकता है। फ्लीट में ग्राउंडेड एयरक्राफ्ट्स की समस्या बनी हुई है, लेकिन कंपनी नेटवर्क विस्तार और पैसेंजर सर्विस पर फोकस कर रही है। इंडियन एविएशन सेक्टर में इंडिगो जैसी कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं, जबकि स्पाइसजेट जैसे बजट कैरियर्स पर दबाव ज्यादा है।

कंपनी ने NSE पर लिस्टिंग की भी तैयारी दिखाई है, लेकिन फाइनेंशियल चैलेंजेस बने हुए हैं। निवेशकों के लिए यह दौर सतर्कता का है, क्योंकि घाटा कम होने के संकेत हैं लेकिन स्थायी मुनाफे की राह अभी लंबी दिखती है।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और रिपोर्ट्स पर आधारित है। निवेश संबंधी कोई सलाह नहीं है। बाजार जोखिमों के अधीन है।

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Ashish Pandey

My name is Ashish Pandey, I work as a content writer and I love to write articles. With 4 years of blogging experience I am always ready to inspire others and share knowledge to make them a successful blogger.

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