ट्रंप टैरिफ का असर: भारत ने आयात नीति बदली, US क्रूड ऑयल इंपोर्ट 92% बढ़ा – आर्थिक सर्वे की ये रिपोर्ट न चूकें!

By Ashish Pandey

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ट्रंप टैरिफ और भारत की आयात नीति में बदलाव दिखाती ग्राफिकल इमेज
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“ट्रंप के टैरिफ ने भारत की आयात नीति में बड़े बदलाव किए, जिससे रूस से तेल आयात घटा और US से क्रूड ऑयल खरीद 92% बढ़ी। आर्थिक सर्वे 2025-26 में सरकार ने बताया कि सुधारों से निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी और वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदला।”

ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल 2025 में भारत पर 25% टैरिफ लगाया, जो रूसी तेल खरीद के कारण अगस्त में 50% तक बढ़ गया। इससे भारतीय निर्यात पर दबाव पड़ा, लेकिन सरकार ने त्वरित सुधारों से स्थिति संभाली। आयात नीति में विविधीकरण पर जोर दिया गया, जिससे रूस से क्रूड ऑयल आयात में तेज गिरावट आई और US से खरीद में उछाल आया।

आर्थिक सर्वे में उल्लेख है कि FY25 में कुल निर्यात 825.3 बिलियन USD पहुंचा, जबकि FY26 के पहले छमाही में 418.5 बिलियन USD का आंकड़ा छुआ। यह वृद्धि सेवाओं के निर्यात से मजबूत हुई, जहां सॉफ्टवेयर, BPO और Global Capability Centres ने मुख्य भूमिका निभाई। माल निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे उच्च मूल्य वाले उत्पादों का योगदान बढ़ा।

आयात स्रोतों में बदलाव से बाहरी बफर मजबूत हुए। विदेशी मुद्रा भंडार ने आयात कवर को आरामदायक स्तर पर रखा, जबकि बाहरी दायित्वों से सुरक्षा बढ़ी। ट्रंप टैरिफ के बावजूद, भारत के US निर्यात नवंबर 2025 में बढ़े, जहां कुल US एक्सपोर्ट 65.88 बिलियन USD पहुंचा। चीन की ओर निर्यात 90% बढ़ा, जो बाजार विविधीकरण की सफलता दर्शाता है।

क्रूड ऑयल सेक्टर में बड़ा शिफ्ट देखा गया। FY26 के पहले आठ महीनों में US से क्रूड ऑयल आयात 92% बढ़ा, जबकि रूसी आयात में कमी आई। इससे Indian Oil, Nayara और BPCL जैसी कंपनियों ने केवल सीमित कार्गो उठाए। US ने रूसी आयात घटने पर टैरिफ रोल बैक के संकेत दिए, जो व्यापार वार्ताओं में सकारात्मक मोड़ है।

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आर्थिक सर्वे के मुख्य आंकड़े और सुधार

आर्थिक सर्वे ने वैश्विक चुनौतियों को विकास अवसर में बदलने पर जोर दिया। यहां कुछ प्रमुख आंकड़े:

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सुधारों में शामिल हैं:

व्यापार समझौतों से US प्रभावी टैरिफ दरें कम करना।

निर्यात फ्रंटलोडिंग से कार्यान्वयन देरी का फायदा।

निर्माण क्षेत्र में 2.1% उत्पादन विस्तार, हालांकि निर्माण में 3.6% संकुचन।

कृषि में 0.8% गिरावट, लेकिन कुल GDP में 0.5% कमी के बावजूद रिकवरी।

मुद्रास्फीति प्रबंधन से EMDE में गिरावट, जबकि AE में 40 बेसिस पॉइंट्स बढ़ोतरी।

पैरामीटरFY25 मूल्यFY26 H1 मूल्यवृद्धि दर (%)
कुल निर्यात825.3 बिलियन USD418.5 बिलियन USD5.9
सेवाएं निर्यातस्थिर योगदानप्रमुख एंकरऑफसेट माल घाटा
माल निर्यात (गैर-पेट्रोलियम)रिकॉर्ड उच्चविविधीकृत20% YoY नवंबर
विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI)मजबूत इक्विटीग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्सलचीला प्रवाह

ट्रंप के 500% टैरिफ खतरे के बावजूद, भारत ने ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस किया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉकेज और वेनेजुएला संकट जैसे जोखिमों से बचने के लिए, आयात रणनीति बदली गई। SBI रिसर्च के अनुसार, क्रूड प्राइस में $10 प्रति बैरल बढ़ोतरी से CPI मुद्रास्फीति 25-35 bps बढ़ सकती है, लेकिन विविधीकरण से प्रभाव न्यूनतम रहा।

व्यापार विविधीकरण की रणनीति

भारत ने पुराने व्यापार मार्गों को मजबूत किया:

चीन निर्यात में 90% YoY वृद्धि नवंबर 2025।

US के बावजूद कुल निर्यात 79 बिलियन USD, जो कुल निर्यात का 18%।

सेमीकंडक्टर, फार्मा और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में छूट से फायदा।

स्टील, एल्युमिनियम और ऑटोमोबाइल्स पर Section 232 कार्रवाइयों से बचाव।

आर्थिक सर्वे में IMF अनुमानों का हवाला दिया गया: EMDE विकास 2025 में अप्रैल पूर्वानुमानों से ऊंचा, जबकि AE विकास US से प्रेरित। जोखिम प्रबंधनीय रखने के लिए बफर और नीति विश्वसनीयता पर जोर।

क्रूड ऑयल आयात में बदलाव का प्रभाव

US से बढ़ते आयात ने सप्लाई चेन को मजबूत किया। रूस से आयात घटने से US ने 25% टैरिफ रोल बैक के संकेत दिए। जनवरी 2026 में व्यापार वार्ताएं सकारात्मक, जहां 15-16% टैरिफ दर की अफवाहें। इससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिली।

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संरचनात्मक सुधारों से घरेलू ड्राइवर मजबूत हुए, जहां बाहरी मांग GDP का 21.6% योगदान दे रही। करंट अकाउंट स्थिर, रेमिटेंस और सेवाओं से समर्थित। पोर्टफोलियो फ्लो वोलेटाइल, लेकिन FDI लचीला।

भविष्य के जोखिम और रणनीतियां

ट्रंप के वेनेजुएला और ईरान तेल आयात पर सेकंडरी टैरिफ खतरे बने हुए। भारत ने आयात प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जो भावी समझौतों की तैयारी है। आर्थिक सर्वे ने मुद्रास्फीति, रोजगार और बाहरी जोखिमों को प्रबंधित करने पर फोकस किया। विकास गति बरकरार, लेकिन वैश्विक व्यापार में सतर्कता जरूरी।

Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट है, स्रोतों पर आधारित टिप्स और रिपोर्ट।

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Ashish Pandey

My name is Ashish Pandey, I work as a content writer and I love to write articles. With 4 years of blogging experience I am always ready to inspire others and share knowledge to make them a successful blogger.

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